प्रेम और सम्बन्ध
2संवेदनशीलता चरम पर है और बात दोनों ओर से चुभेगी। सामने वाले की नीयत अच्छी मानकर चलें।
सोमवार, 26 अक्टूबर 2026
आप आने वाली तिथि का राशिफल देख रहे हैं।
आज का राशिफल →वृश्चिक राशि, सोमवार, 26 अक्टूबर 2026: 5 में से 3.5 — चन्द्रमा मेष राशि (अश्विनी नक्षत्र) में, वृश्चिक से षष्ठ भाव में।
चन्द्रमा छठे भाव में है — वास्तव में शुभ स्थिति। जो बाधाएँ जमी हुई लगती थीं, हिलने लगेंगी; प्रतिस्पर्धी कमज़ोर पड़ेंगे और पुराने रोग में राहत मिलेगी।
चन्द्रमा केतु के नक्षत्र में है, जो शोर घटाकर अन्तर्ज्ञान तेज़ करता है। जिसे आप अब तक ऊपर से सही मान रहे थे, आज उसकी असलियत दिखेगी।
संवेदनशीलता चरम पर है और बात दोनों ओर से चुभेगी। सामने वाले की नीयत अच्छी मानकर चलें।
प्रगति है, पर असमान। पहले छोटे दायित्व निपटाएँ; बड़ा काम अभी हिलने को तैयार नहीं।
उधार देने, गारंटी देने या किसी और के भरोसे निवेश करने के लिए यह बुरा समय है।
नींद सुधरेगी और पाचन ठीक बैठेगा। थोड़ा ज़ोर लगाएँ — शरीर में अभी क्षमता है।
सुझाया गया उपाय
जिस दिन चन्द्रमा आपके लिए बलवान हो, सफ़ेद वस्तु धारण करें या साथ रखें।
विधि
यह भविष्यवाणी जिन निरयण स्थितियों से निकाली गई है, वे नीचे दी गई हैं। इनमें से हर एक को आप किसी भी पंचांग से मिला सकते हैं।
चन्द्रमा छठे भाव में है — वास्तव में शुभ स्थिति। जो बाधाएँ जमी हुई लगती थीं, हिलने लगेंगी; प्रतिस्पर्धी कमज़ोर पड़ेंगे और पुराने रोग में राहत मिलेगी।
संवेदनशीलता चरम पर है और बात दोनों ओर से चुभेगी। सामने वाले की नीयत अच्छी मानकर चलें।
प्रगति है, पर असमान। पहले छोटे दायित्व निपटाएँ; बड़ा काम अभी हिलने को तैयार नहीं।
उधार देने, गारंटी देने या किसी और के भरोसे निवेश करने के लिए यह बुरा समय है।
नींद सुधरेगी और पाचन ठीक बैठेगा। थोड़ा ज़ोर लगाएँ — शरीर में अभी क्षमता है।
सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को वृश्चिक राशि का शुभ अंक 18 और शुभ रंग आसमानी है। सबसे शुभ समय 19:30 – 21:00 रहेगा।
हम लाहिरी अयनांश से सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 के सूर्योदय के समय सूर्य और चन्द्रमा का निरयण देशान्तर निकालते हैं, फिर वृश्चिक से चन्द्रमा का भाव गिनते हैं। शास्त्रीय गोचर में चन्द्रमा के लिए प्रथम, तृतीय, षष्ठ, सप्तम, दशम और एकादश भाव शुभ माने जाते हैं तथा अष्टम — चन्द्राष्टम — सबसे कठिन। प्रयोग की गई हर स्थिति पृष्ठ पर छपी है।