राशिफल क्या है?
राशिफल का अर्थ, पाश्चात्य होरोस्कोप से इसका अन्तर, और दैनिक फल वास्तव में किस पर आधारित होता है।
हर भविष्यवाणी के पीछे के सिद्धांतों की सरल व्याख्या।
राशिफल का अर्थ, पाश्चात्य होरोस्कोप से इसका अन्तर, और दैनिक फल वास्तव में किस पर आधारित होता है।
बारह राशियाँ, उनके स्वामी, तत्व और स्वभाव, तथा निरयण राशिचक्र का विभाजन।
चन्द्र राशि, सूर्य राशि और लग्न — तीन अलग चीज़ें। कौन-सा फल किसका उपयोग करता है और क्यों।
27 चन्द्र भवन, उनके पाद और स्वामी ग्रह, और अनेक फलादेशों में वे राशि से अधिक क्यों महत्वपूर्ण हैं।
जन्मकुंडली में क्या होता है, वह कैसे बनती है, और उसे बनवाने के लिए क्या चाहिए।
अष्टकूट गुण मिलान की व्याख्या: आठ कूट, 36 अंकों का बँटवारा, और अंक का वास्तविक अर्थ।
आठ अंकों वाला कूट, गुण मिलान में इसका सर्वाधिक भार क्यों है, और परम्परा में स्वीकृत अपवाद।
सात अंकों वाला राशि कूट, 2/12, 5/9 और 6/8 जोड़े, और दोष कब निरस्त माना जाता है।
कुंडली को मांगलिक बनाने के लिए मंगल कहाँ होना चाहिए, कौन-से तीन सन्दर्भ प्रयोग होते हैं, और निरसन कैसे होता है।
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विंशोत्तरी दशा पद्धति: 120 वर्ष, नौ ग्रह-काल, और जन्म नक्षत्र से क्रम कैसे तय होता है।
पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण — और सूर्योदय से गणित होने वाले मुहूर्त।
निरयण और सायन राशिचक्र के बीच 24 अंश का अन्तर, वह क्यों है, और आपकी वैदिक राशि पाश्चात्य से अलग क्यों है।
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