Rashifal.io

मार्गदर्शिका

कुंडली क्या है?

संक्षेप में

कुंडली क्या है?

कुंडली जन्मपत्री है — जन्म के क्षण, आपके जन्मस्थान से देखने पर, हर ग्रह कहाँ था इसका चित्र। इसमें लग्न, बारह भाव, नौ ग्रह और उनकी राशि व नक्षत्र स्थिति होती है। इसकी गणना के लिए जन्म की तिथि, यथासम्भव सटीक समय और स्थान चाहिए।

कुंडली में क्या होता है

कुंडली तीन चीज़ें निश्चित करती है: लग्न, नौ ग्रहों में से प्रत्येक की स्थिति, और उनसे बनने वाले भाव। नौ ग्रह हैं सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि और दो चन्द्र-पात — राहु और केतु — जो पिंड नहीं, गणितीय बिन्दु हैं, अर्थात् वे स्थान जहाँ चन्द्रमा की कक्षा क्रान्तिवृत्त को काटती है।

भारत और नेपाल में प्रचलित पूर्ण-राशि भाव पद्धति में लग्न वाली राशि ही पूरा प्रथम भाव है, अगली राशि द्वितीय, और इसी क्रम में आगे। इसीलिए वैदिक फलादेश में भाव और राशि की बात प्रायः एक-दूसरे के स्थान पर की जाती है, जो पाश्चात्य ज्योतिष में नहीं होता।

जन्म समय इतना महत्वपूर्ण क्यों है

ग्रह इतने धीमे चलते हैं कि कुछ मिनटों की भूल उनकी राशि स्थिति नहीं बदलती — चन्द्रमा को छोड़कर, जो प्रति घंटे लगभग आधा अंश चलता है। परन्तु लग्न प्रतिदिन पूरे राशिचक्र से गुज़रता है, इसलिए भाव पूरी तरह दर्ज समय पर निर्भर हैं।

यदि जन्म समय अनिश्चित है, तो कुंडली लग्न के बजाय चन्द्रमा से भी पढ़ी जा सकती है। यह वास्तविक परम्परागत विधि है, कोई विकल्प-मात्र नहीं — और दैनिक राशिफल का आधार भी यही है।

सम्बन्धित उपकरण

सम्बन्धित लेख