Rashifal.io

उपकरण

मांगलिक दोष कैलकुलेटर

लग्न, चन्द्रमा और शुक्र से प्रथम, द्वितीय, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम तथा द्वादश भाव में मंगल की जाँच।

संक्षेप में

मंगल दोष क्या है?

जब मंगल प्रथम, द्वितीय, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम या द्वादश भाव में हो तो कुंडली मांगलिक कही जाती है। ये वही भाव हैं जो स्वयं, कुटुम्ब, गृह-शान्ति, विवाह, आयु और व्यय से जुड़े हैं — चयन का तर्क यही है। परम्परागत चिन्ता दाम्पत्य में टकराव की है।

यह कैलकुलेटर पूरी तरह आपके ब्राउज़र में चलता है। आपका जन्म विवरण हमें कभी नहीं भेजा जाता, न कहीं संग्रहीत होता है, न लॉग किया जाता है।

लग्न, चन्द्रमा और शुक्र से प्रथम, द्वितीय, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम तथा द्वादश भाव में मंगल की जाँच।

मंगल दोष कैसे तय होता है

कुंडली में मंगल की स्थिति निकालकर उसका भाव गिना जाता है। लग्न से गिनना मानक है; अनेक ज्योतिषी चन्द्रमा से भी गिनते हैं और कुछ शुक्र से, जो विवाह का कारक है। यह कैलकुलेटर तीनों बताता है, क्योंकि जो कुंडली एक सन्दर्भ से मांगलिक हो और अन्य से नहीं, उसे प्रायः हल्का माना जाता है।

क्या चाहिए

जन्म तिथि, समय और स्थान। मंगल धीमे चलता है, इसलिए कुछ मिनटों से उसकी राशि नहीं बदलती — पर लग्न प्रतिदिन पूरा राशिचक्र पार करता है, इसलिए लग्न से भाव की गणना सटीक समय पर निर्भर है।

परिणाम का अर्थ

कैलकुलेटर बताता है कि तीनों सन्दर्भों में से हर एक से मंगल किस भाव में पड़ता है, ताकि निष्कर्ष जाँचा जा सके। कई निरसन व्यापक रूप से स्वीकृत हैं: मंगल का अपनी राशि (मेष या वृश्चिक) में होना या मकर में उच्च का होना, मंगल पर गुरु की दृष्टि या युति, और सबसे अधिक बताया जाने वाला — दोनों व्यक्तियों का मांगलिक होना।

मांगलिक होना एक कारक है। जो कैलकुलेटर हाँ या ना बताता है उसने बताया है कि मंगल कहाँ है, यह नहीं कि विवाह कैसा होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मंगल दोष क्या है?

जन्म कुंडली के प्रथम, द्वितीय, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम या द्वादश भाव में मंगल का होना। इसे लग्न से, और प्रायः चन्द्रमा तथा शुक्र से भी देखा जाता है।

मैं कैसे जानूँ कि मैं मांगलिक हूँ?

अपनी जन्म तिथि, समय और स्थान भरें। कैलकुलेटर मंगल की स्थिति निकालकर लग्न, चन्द्रमा और शुक्र तीनों से उसका भाव गिनता है और हर गणना दिखाता है।

क्या मंगल दोष निरस्त हो सकता है?

कई निरसन स्वीकृत हैं: मंगल का अपनी राशि में या उच्च का होना, उस पर गुरु की दृष्टि या युति, और दोनों व्यक्तियों का मांगलिक होना — जो सबसे अधिक बताया जाता है।

क्या कुंडली मिलान में मांगलिक दोष देखा जाता है?

अष्टकूट गुण मिलान में नहीं, जो आठ अन्य कारक देखता है। मांगलिक स्थिति अलग से जाँची जाती है — इसीलिए यह कैलकुलेटर मिलान कैलकुलेटर के साथ अलग से है।

सम्बन्धित उपकरण