प्रेम और सम्बन्ध
4रिश्ते बिना विशेष प्रयास के स्थिर होंगे। कोई आपकी ओर पहल कर रहा है — उसे कहकर स्वीकारें।
गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026
आप आने वाली तिथि का राशिफल देख रहे हैं।
आज का राशिफल →वृश्चिक राशि, गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026: 5 में से 3.5 — चन्द्रमा वृषभ राशि (रोहिणी नक्षत्र) में, वृश्चिक से सप्तम भाव में।
चन्द्रमा सातवें भाव में है, जिससे हर तरह की साझेदारी में गर्माहट आती है। लोगों से मिलें। आज हुए समझौते टिकते हैं और यात्रा सुखद रहती है।
चन्द्रमा अपने ही दशा-स्वामी के नक्षत्र में है। स्मृति, परिवार और पुरानी भावनाएँ आसानी से उभरेंगी। मनःस्थिति पर भरोसा करें, उसके निष्कर्षों पर नहीं।
रिश्ते बिना विशेष प्रयास के स्थिर होंगे। कोई आपकी ओर पहल कर रहा है — उसे कहकर स्वीकारें।
सहकर्मी सहयोगी भी हैं और धीमे भी। इस देरी को अपने वादों में जोड़कर चलें।
एक नियोजित खर्च सही है, दूसरा नहीं। अंतर बस इतना है कि निर्णय आज से पहले लिया गया था या नहीं।
दमखम ठीक है, धैर्य नहीं। मन को शांत करने के लिए शरीर को चलाएँ।
सुझाया गया उपाय
उगते सूर्य को जल अर्पित करें और दिन का पहला घंटा स्क्रीन से दूर रखें।
विधि
यह भविष्यवाणी जिन निरयण स्थितियों से निकाली गई है, वे नीचे दी गई हैं। इनमें से हर एक को आप किसी भी पंचांग से मिला सकते हैं।
चन्द्रमा सातवें भाव में है, जिससे हर तरह की साझेदारी में गर्माहट आती है। लोगों से मिलें। आज हुए समझौते टिकते हैं और यात्रा सुखद रहती है।
रिश्ते बिना विशेष प्रयास के स्थिर होंगे। कोई आपकी ओर पहल कर रहा है — उसे कहकर स्वीकारें।
सहकर्मी सहयोगी भी हैं और धीमे भी। इस देरी को अपने वादों में जोड़कर चलें।
एक नियोजित खर्च सही है, दूसरा नहीं। अंतर बस इतना है कि निर्णय आज से पहले लिया गया था या नहीं।
दमखम ठीक है, धैर्य नहीं। मन को शांत करने के लिए शरीर को चलाएँ।
गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को वृश्चिक राशि का शुभ अंक 18 और शुभ रंग मरून है। सबसे शुभ समय 07:30 – 09:00 रहेगा।
हम लाहिरी अयनांश से गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 के सूर्योदय के समय सूर्य और चन्द्रमा का निरयण देशान्तर निकालते हैं, फिर वृश्चिक से चन्द्रमा का भाव गिनते हैं। शास्त्रीय गोचर में चन्द्रमा के लिए प्रथम, तृतीय, षष्ठ, सप्तम, दशम और एकादश भाव शुभ माने जाते हैं तथा अष्टम — चन्द्राष्टम — सबसे कठिन। प्रयोग की गई हर स्थिति पृष्ठ पर छपी है।