प्रेम और सम्बन्ध
3प्रेम कम नहीं है, समय गलत है। ज़रूरी बात सुबह नहीं, दिन ढलने पर कहें।
2026
गुरु नवम भाव में गोचर कर रहे हैं — उनका अपना भाव, और सबसे प्रबल स्थितियों में से एक। गुरुजन, यात्रा, उच्च शिक्षा और बड़ों से भाग्योदय। यदि कोई वर्ष कोई द्वार खोलेगा, तो यही है।
प्रेम कम नहीं है, समय गलत है। ज़रूरी बात सुबह नहीं, दिन ढलने पर कहें।
प्रगति है, पर असमान। पहले छोटे दायित्व निपटाएँ; बड़ा काम अभी हिलने को तैयार नहीं।
आय और व्यय लगभग बराबर रहेंगे। स्थिति सुधारने के बजाय सँभालकर रखें।
पुरानी छोटी शिकायतें शांत रहेंगी। इस अवधि का उपयोग करें, इसकी सीमा न परखें।
सुझाया गया उपाय
पहला भोजन करने से पहले पक्षियों या बेसहारा पशुओं को खिलाएँ।
सूर्य आपके तीसरे भाव को बल दे रहा है। यह पहल करने का समय है — जो अभी शुरू करेंगे, वही पूरा होगा।
सूर्य चौथे भाव में है और करियर से अधिक गृहस्थी माँग रहा है।
सूर्य पाँचवें भाव को प्रकाशित करता है, जो सृजन, अध्ययन और प्रेम के लिए अनुकूल है।
सूर्य छठे भाव में है — प्रतिस्पर्धा, सेवा और स्वास्थ्य-लाभ के लिए उत्तम स्थिति।
सूर्य सातवें भाव से गुज़र रहा है, इसलिए साझेदारी और मोलभाव ही इस अवधि को तय करेंगे।
सूर्य सातवें भाव से गुज़र रहा है, इसलिए साझेदारी और मोलभाव ही इस अवधि को तय करेंगे।
सूर्य आठवें भाव में प्रवेश करता है — सतर्कता और चुपचाप जमने का समय।
सूर्य नवें भाव में है, जो शिक्षा, गुरुजनों और दूरस्थ मामलों के लिए शुभ है।
सूर्य आपके दसवें भाव में है — वर्ष की सबसे प्रबल करियर अवधि।
सूर्य लाभ भाव को उज्ज्वल कर रहा है, और अवसर आपके सम्पर्कों से आएँगे।
सूर्य बारहवें भाव में सिमट रहा है — अगला चक्र शुरू होने से पहले एक चक्र का समापन।
सूर्य आपकी ही राशि को प्रकाशित कर रहा है — आप केन्द्र में हैं, और उसके साथ आने वाली नज़रों में भी।
विधि
यह भविष्यवाणी जिन निरयण स्थितियों से निकाली गई है, वे नीचे दी गई हैं। इनमें से हर एक को आप किसी भी पंचांग से मिला सकते हैं।
गुरु नवम भाव में गोचर कर रहे हैं — उनका अपना भाव, और सबसे प्रबल स्थितियों में से एक। गुरुजन, यात्रा, उच्च शिक्षा और बड़ों से भाग्योदय। यदि कोई वर्ष कोई द्वार खोलेगा, तो यही है।
प्रेम कम नहीं है, समय गलत है। ज़रूरी बात सुबह नहीं, दिन ढलने पर कहें।
प्रगति है, पर असमान। पहले छोटे दायित्व निपटाएँ; बड़ा काम अभी हिलने को तैयार नहीं।
आय और व्यय लगभग बराबर रहेंगे। स्थिति सुधारने के बजाय सँभालकर रखें।
पुरानी छोटी शिकायतें शांत रहेंगी। इस अवधि का उपयोग करें, इसकी सीमा न परखें।
आज वृश्चिक राशि का शुभ अंक 27 और शुभ रंग नारंगी है। सबसे शुभ समय 19:30 – 21:00 रहेगा।
हम लाहिरी अयनांश से स्थानीय मध्याह्न के लिए सूर्य और चन्द्रमा का निरयण देशान्तर निकालते हैं, फिर वृश्चिक से चन्द्रमा का भाव गिनते हैं। शास्त्रीय गोचर में चन्द्रमा के लिए प्रथम, तृतीय, षष्ठ, सप्तम, दशम और एकादश भाव शुभ माने जाते हैं तथा अष्टम — चन्द्राष्टम — सबसे कठिन। प्रयोग की गई हर स्थिति पृष्ठ पर छपी है।