प्रेम और सम्बन्ध
2.5संवेदनशीलता चरम पर है और बात दोनों ओर से चुभेगी। सामने वाले की नीयत अच्छी मानकर चलें।
शनिवार, 31 अक्टूबर 2026
आप आने वाली तिथि का राशिफल देख रहे हैं।
आज का राशिफल →वृश्चिक राशि, शनिवार, 31 अक्टूबर 2026: 5 में से 2.5 — चन्द्रमा मिथुन राशि (आर्द्रा नक्षत्र) में, वृश्चिक से अष्टम भाव में।
चन्द्रमा आठवें भाव में है — यह चन्द्राष्टम काल है। ऊर्जा कम रहती है और छोटी अड़चनें बड़ी लगती हैं। निर्णय थोपने के बजाय टाल दें।
चन्द्रमा के नक्षत्र पर राहु का शासन है, जो सीमाएँ धुँधली करता है और लालसा बढ़ाता है। जो बात ज़रूरत से ज़्यादा सुविधाजनक लगे, उसे जाँच लें।
संवेदनशीलता चरम पर है और बात दोनों ओर से चुभेगी। सामने वाले की नीयत अच्छी मानकर चलें।
काम गति पकड़ेगा। जो फाइलें दूसरों के पास अटकी थीं, स्वीकृत होकर लौटेंगी और आपकी राय पर भरोसा किया जाएगा।
लाभ सीधा नहीं, बगल से आएगा: किसी परिचित से, किसी रिफ़ंड से, या उससे जिसे आप भूल चुके थे।
दमखम ठीक है, धैर्य नहीं। मन को शांत करने के लिए शरीर को चलाएँ।
सुझाया गया उपाय
उगते सूर्य को जल अर्पित करें और दिन का पहला घंटा स्क्रीन से दूर रखें।
विधि
यह भविष्यवाणी जिन निरयण स्थितियों से निकाली गई है, वे नीचे दी गई हैं। इनमें से हर एक को आप किसी भी पंचांग से मिला सकते हैं।
चन्द्रमा आठवें भाव में है — यह चन्द्राष्टम काल है। ऊर्जा कम रहती है और छोटी अड़चनें बड़ी लगती हैं। निर्णय थोपने के बजाय टाल दें।
संवेदनशीलता चरम पर है और बात दोनों ओर से चुभेगी। सामने वाले की नीयत अच्छी मानकर चलें।
काम गति पकड़ेगा। जो फाइलें दूसरों के पास अटकी थीं, स्वीकृत होकर लौटेंगी और आपकी राय पर भरोसा किया जाएगा।
लाभ सीधा नहीं, बगल से आएगा: किसी परिचित से, किसी रिफ़ंड से, या उससे जिसे आप भूल चुके थे।
दमखम ठीक है, धैर्य नहीं। मन को शांत करने के लिए शरीर को चलाएँ।
शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को वृश्चिक राशि का शुभ अंक 18 और शुभ रंग सफ़ेद है। सबसे शुभ समय 10:30 – 12:00 रहेगा।
हम लाहिरी अयनांश से शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 के सूर्योदय के समय सूर्य और चन्द्रमा का निरयण देशान्तर निकालते हैं, फिर वृश्चिक से चन्द्रमा का भाव गिनते हैं। शास्त्रीय गोचर में चन्द्रमा के लिए प्रथम, तृतीय, षष्ठ, सप्तम, दशम और एकादश भाव शुभ माने जाते हैं तथा अष्टम — चन्द्राष्टम — सबसे कठिन। प्रयोग की गई हर स्थिति पृष्ठ पर छपी है।