प्रेम और सम्बन्ध
3.5प्रेम कम नहीं है, समय गलत है। ज़रूरी बात सुबह नहीं, दिन ढलने पर कहें।
19–25 अक्टूबर 2026
कन्या राशि, 19–25 अक्टूबर 2026: 5 में से 3 — सूर्य तुला राशि में, कन्या से द्वितीय भाव में।
सूर्य धन और कुटुम्ब भाव से गोचर कर रहा है; यह अवधि आपकी आय, बचत और वाणी पर टिकी है।
प्रेम कम नहीं है, समय गलत है। ज़रूरी बात सुबह नहीं, दिन ढलने पर कहें।
योजना के लिए अच्छा, शुरुआत के लिए नहीं। आज मसौदा बनाएँ, भेजें तब जब गति बने।
बिना बजट के खर्च एक साथ आएँगे। आरक्षित राशि रखें और गैर-ज़रूरी सब टालें।
ऊर्जा लगातार नहीं, झोंकों में मिलेगी। उन्हीं शिखरों के अनुसार दिन बाँटें।
सुझाया गया उपाय
पहला भोजन करने से पहले पक्षियों या बेसहारा पशुओं को खिलाएँ।
विधि
यह भविष्यवाणी जिन निरयण स्थितियों से निकाली गई है, वे नीचे दी गई हैं। इनमें से हर एक को आप किसी भी पंचांग से मिला सकते हैं।
सूर्य धन और कुटुम्ब भाव से गोचर कर रहा है; यह अवधि आपकी आय, बचत और वाणी पर टिकी है।
प्रेम कम नहीं है, समय गलत है। ज़रूरी बात सुबह नहीं, दिन ढलने पर कहें।
योजना के लिए अच्छा, शुरुआत के लिए नहीं। आज मसौदा बनाएँ, भेजें तब जब गति बने।
बिना बजट के खर्च एक साथ आएँगे। आरक्षित राशि रखें और गैर-ज़रूरी सब टालें।
ऊर्जा लगातार नहीं, झोंकों में मिलेगी। उन्हीं शिखरों के अनुसार दिन बाँटें।
यह कन्या से गिने गए सूर्य के निरयण गोचर को पढ़ता है, जो सप्ताह (19–25 अक्टूबर 2026) के मध्य में लाहिरी अयनांश से लिया जाता है। सूर्य हर राशि में लगभग एक महीना रहता है, इसलिए कन्या से वह जिस भाव में है, वही सप्ताह का स्वर तय करता है। प्रयोग की गई हर स्थिति पृष्ठ पर छपी है।