रविवार, 15 नवंबर 2026
छठ पूजा 2026
संक्षेप में
छठ पूजा 2026 रविवार, 15 नवंबर 2026 को है — कार्तिक शुक्ल पक्ष षष्ठी, वह तिथि जो नई दिल्ली में सूर्यास्त के समय रहती है।
- दिनांक
- रविवार, 15 नवंबर 2026
- तिथि
- कार्तिक शुक्ल पक्ष षष्ठी
- तिथि आरम्भ
- 14 नव॰, 23:26
- तिथि समाप्त
- 16 नव॰, 02:03
- स्थान
- नई दिल्ली
कैसे मनाया जाता है
छठ सूर्य देव और छठी मैया की उपासना का पर्व है, जो मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के मधेश में मनाया जाता है। व्रती परिवार और संतान की कुशलता की कामना करते हैं।
चार दिनों के इस पर्व में नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य होते हैं, और व्रती निर्जला व्रत रखते हैं। नदी या तालाब के घाट पर पानी में खड़े होकर डूबते और उगते सूर्य को ठेकुआ, गन्ना और फलों से भरे सूप के साथ अर्घ्य दिया जाता है।
सम्बन्धित त्योहार
- धनतेरसशुक्रवार, 6 नवंबर 2026
- काग तिहारशनिवार, 7 नवंबर 2026
- नरक चतुर्दशीरविवार, 8 नवंबर 2026
- कुकुर तिहाररविवार, 8 नवंबर 2026
- दीपावलीरविवार, 8 नवंबर 2026
- लक्ष्मी पूजा (तिहार)रविवार, 8 नवंबर 2026
- गोवर्धन पूजामंगलवार, 10 नवंबर 2026
- म्ह पूजामंगलवार, 10 नवंबर 2026
- भाई दूजबुधवार, 11 नवंबर 2026
- भाई टीकाबुधवार, 11 नवंबर 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
छठ पूजा 2026 कब है?
छठ पूजा 2026 रविवार, 15 नवंबर 2026 को है।
छठ पूजा की तिथि कैसे तय होती है?
चान्द्र-सौर पंचांग से: यह कार्तिक शुक्ल पक्ष षष्ठी, वह तिथि जो नई दिल्ली में सूर्यास्त के समय रहती है पर पड़ता है। दिनांक सूर्य और चन्द्रमा की स्थिति से निकलता है, इसीलिए ग्रेगोरियन कैलेंडर में यह हर वर्ष बदलता है।
छठ पूजा कैसे मनाया जाता है?
चार दिनों के इस पर्व में नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य होते हैं, और व्रती निर्जला व्रत रखते हैं। नदी या तालाब के घाट पर पानी में खड़े होकर डूबते और उगते सूर्य को ठेकुआ, गन्ना और फलों से भरे सूप के साथ अर्घ्य दिया जाता है।