स्वामी ग्रह: शनि
अनुराधा नक्षत्र
संक्षेप में
अनुराधा नक्षत्र क्या है?
अनुराधा 27 नक्षत्रों में से एक है, जो निरयण राशिचक्र के 213°20′–226°40′ में फैला है और वृश्चिक में पड़ता है। इसके स्वामी शनि हैं, गण देव, नाड़ी मध्य और योनि मृग है।
मित्रता के देव मित्र के अधीन। निष्ठा, सहयोग और दूसरों के माध्यम से मिली सफलता से जुड़ा।
- स्वामी ग्रह
- शनि
- राशिचक्र में विस्तार
- 213°20′ – 226°40′
- राशि
- वृश्चिक
- पाद
- 4 × 3°20′
- गण
- देव
- नाड़ी
- मध्य
- योनि
- मृग
- प्रतीक
- कमल
- देवता
- मित्र
- विंशोत्तरी दशा
- शनि · 19 वर्ष
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अनुराधा नक्षत्र क्या है?
अनुराधा 27 नक्षत्रों में से एक है, जो निरयण राशिचक्र के 213°20′–226°40′ में फैला है और वृश्चिक में पड़ता है। इसके स्वामी शनि हैं, गण देव, नाड़ी मध्य और योनि मृग है।
अनुराधा नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?
शनि। इसी स्वामित्व के कारण अनुराधा में जन्मे व्यक्ति का जीवन शनि की महादशा से आरम्भ होता है, जो विंशोत्तरी चक्र में 19 वर्ष चलती है।
अनुराधा किस राशि में पड़ता है?
वृश्चिक। नक्षत्र 13°20′ का होता है और राशि 30° की, इसलिए अधिकांश नक्षत्र किसी एक राशि में पूरी तरह न बैठकर सीमा पार करते हैं।
अनुराधा का गण और नाड़ी क्या है?
अनुराधा का गण देव और नाड़ी मध्य है। दोनों अष्टकूट मिलान में प्रयोग होते हैं — गण छह अंकों का और नाड़ी आठ अंकों की।
अनुराधा की योनि क्या है?
मृग। योनि कूट दो जन्म नक्षत्रों को दिए गए पशुओं की तुलना करता है और 36 में से चार अंकों का है।
अनुराधा में कितने पाद होते हैं?
चार, हर नक्षत्र की तरह। हर पाद 3°20′ का होता है, जिससे पूरे राशिचक्र में 108 पाद बनते हैं।