Rashifal.io

स्वामी ग्रह: मंगल

चित्रा नक्षत्र

संक्षेप में

चित्रा नक्षत्र क्या है?

चित्रा 27 नक्षत्रों में से एक है, जो निरयण राशिचक्र के 173°20′–186°40′ में फैला है और कन्या, तुला में पड़ता है। इसके स्वामी मंगल हैं, गण राक्षस, नाड़ी मध्य और योनि व्याघ्र है।

दिव्य शिल्पी के अधीन। रचना, आकार और ध्यान खींचने वाले आकर्षक रूप से जुड़ा।

स्वामी ग्रह
मंगल
राशिचक्र में विस्तार
173°20′ – 186°40′
पाद
4 × 3°20′
गण
राक्षस
नाड़ी
मध्य
योनि
व्याघ्र
प्रतीक
उज्ज्वल रत्न
देवता
त्वष्टा
विंशोत्तरी दशा
मंगल · 7 वर्ष

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चित्रा नक्षत्र क्या है?

चित्रा 27 नक्षत्रों में से एक है, जो निरयण राशिचक्र के 173°20′–186°40′ में फैला है और कन्या, तुला में पड़ता है। इसके स्वामी मंगल हैं, गण राक्षस, नाड़ी मध्य और योनि व्याघ्र है।

चित्रा नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?

मंगल। इसी स्वामित्व के कारण चित्रा में जन्मे व्यक्ति का जीवन मंगल की महादशा से आरम्भ होता है, जो विंशोत्तरी चक्र में 7 वर्ष चलती है।

चित्रा किस राशि में पड़ता है?

कन्या, तुला। नक्षत्र 13°20′ का होता है और राशि 30° की, इसलिए अधिकांश नक्षत्र किसी एक राशि में पूरी तरह न बैठकर सीमा पार करते हैं।

चित्रा का गण और नाड़ी क्या है?

चित्रा का गण राक्षस और नाड़ी मध्य है। दोनों अष्टकूट मिलान में प्रयोग होते हैं — गण छह अंकों का और नाड़ी आठ अंकों की।

चित्रा की योनि क्या है?

व्याघ्र। योनि कूट दो जन्म नक्षत्रों को दिए गए पशुओं की तुलना करता है और 36 में से चार अंकों का है।

चित्रा में कितने पाद होते हैं?

चार, हर नक्षत्र की तरह। हर पाद 3°20′ का होता है, जिससे पूरे राशिचक्र में 108 पाद बनते हैं।

समान स्वामी वाले नक्षत्र

सभी 27 नक्षत्र