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सितंबर 2026

मिथुन मासिक राशिफल

संक्षेप में

4/ 5 · समग्र

सूर्य आपके तीसरे भाव को बल दे रहा है। यह पहल करने का समय है — जो अभी शुरू करेंगे, वही पूरा होगा।

विस्तार से

प्रेम और सम्बन्ध

3.5

छोटी-छोटी चिढ़ें किसी बड़ी अनकही बात की जगह ले रही हैं। असली बात कहें या छोटी बातें छोड़ दें।

करियर और कार्यक्षेत्र

4

पहल के लिए प्रबल समय। जिसकी स्वीकृति चाहिए, उससे स्वयं मिलें; प्रतीक्षा न करें।

धन और वित्त

3

एक नियोजित खर्च सही है, दूसरा नहीं। अंतर बस इतना है कि निर्णय आज से पहले लिया गया था या नहीं।

स्वास्थ्य और ऊर्जा

3.5

दमखम ठीक है, धैर्य नहीं। मन को शांत करने के लिए शरीर को चलाएँ।

शुभ अंक
23
शुभ रंग
गहरा लाल
शुभ समय
10:30 – 12:00

सुझाया गया उपाय

शिव मन्दिर में कच्चे दूध मिश्रित जल अर्पित करें।

विधि

यह राशिफल किस गणना पर आधारित है

यह भविष्यवाणी जिन निरयण स्थितियों से निकाली गई है, वे नीचे दी गई हैं। इनमें से हर एक को आप किसी भी पंचांग से मिला सकते हैं।

चन्द्रमा
तुला
सूर्य
सिंह
चन्द्र नक्षत्र
स्वाति · पाद 4
तिथि
पंचमी · शुक्ल पक्ष
सूर्य गोचर
तृतीय भाव (आपकी राशि से)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आज मिथुन राशि वालों के लिए दिन कैसा रहेगा?

सूर्य आपके तीसरे भाव को बल दे रहा है। यह पहल करने का समय है — जो अभी शुरू करेंगे, वही पूरा होगा।

आज मिथुन राशि के लिए प्रेम जीवन कैसा रहेगा?

छोटी-छोटी चिढ़ें किसी बड़ी अनकही बात की जगह ले रही हैं। असली बात कहें या छोटी बातें छोड़ दें।

आज मिथुन राशि के लिए करियर कैसा रहेगा?

पहल के लिए प्रबल समय। जिसकी स्वीकृति चाहिए, उससे स्वयं मिलें; प्रतीक्षा न करें।

आज मिथुन राशि के लिए धन की स्थिति कैसी रहेगी?

एक नियोजित खर्च सही है, दूसरा नहीं। अंतर बस इतना है कि निर्णय आज से पहले लिया गया था या नहीं।

आज मिथुन राशि के लिए स्वास्थ्य कैसा रहेगा?

दमखम ठीक है, धैर्य नहीं। मन को शांत करने के लिए शरीर को चलाएँ।

आज मिथुन राशि का शुभ अंक और शुभ रंग क्या है?

आज मिथुन राशि का शुभ अंक 23 और शुभ रंग गहरा लाल है। सबसे शुभ समय 10:30 – 12:00 रहेगा।

सितंबर 2026 का यह मिथुन राशिफल कैसे गणना किया गया है?

हम लाहिरी अयनांश से स्थानीय मध्याह्न के लिए सूर्य और चन्द्रमा का निरयण देशान्तर निकालते हैं, फिर मिथुन से चन्द्रमा का भाव गिनते हैं। शास्त्रीय गोचर में चन्द्रमा के लिए प्रथम, तृतीय, षष्ठ, सप्तम, दशम और एकादश भाव शुभ माने जाते हैं तथा अष्टम — चन्द्राष्टम — सबसे कठिन। प्रयोग की गई हर स्थिति पृष्ठ पर छपी है।

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