प्रेम और सम्बन्ध
2संवेदनशीलता चरम पर है और बात दोनों ओर से चुभेगी। सामने वाले की नीयत अच्छी मानकर चलें।
2026
गुरु दूसरे भाव में, अर्थात् धन, कुटुम्ब और वाणी के भाव में चल रहे हैं। आय बढ़ने की सम्भावना है, पर व्यय भी; यह वर्ष उन्हें फल देता है जो पहले ही तय कर लें कि अतिरिक्त धन किसलिए है।
संवेदनशीलता चरम पर है और बात दोनों ओर से चुभेगी। सामने वाले की नीयत अच्छी मानकर चलें।
काम गति पकड़ेगा। जो फाइलें दूसरों के पास अटकी थीं, स्वीकृत होकर लौटेंगी और आपकी राय पर भरोसा किया जाएगा।
एक नियोजित खर्च सही है, दूसरा नहीं। अंतर बस इतना है कि निर्णय आज से पहले लिया गया था या नहीं।
ऊर्जा स्थिर है और थकान जल्दी उतरती है। छूटी हुई दिनचर्या फिर शुरू करने का अच्छा समय।
सुझाया गया उपाय
व्रत रखें, या एक समय का भोजन छोड़कर उतनी राशि दान कर दें।
सूर्य आठवें भाव में प्रवेश करता है — सतर्कता और चुपचाप जमने का समय।
सूर्य नवें भाव में है, जो शिक्षा, गुरुजनों और दूरस्थ मामलों के लिए शुभ है।
सूर्य आपके दसवें भाव में है — वर्ष की सबसे प्रबल करियर अवधि।
सूर्य लाभ भाव को उज्ज्वल कर रहा है, और अवसर आपके सम्पर्कों से आएँगे।
सूर्य बारहवें भाव में सिमट रहा है — अगला चक्र शुरू होने से पहले एक चक्र का समापन।
सूर्य बारहवें भाव में सिमट रहा है — अगला चक्र शुरू होने से पहले एक चक्र का समापन।
सूर्य आपकी ही राशि को प्रकाशित कर रहा है — आप केन्द्र में हैं, और उसके साथ आने वाली नज़रों में भी।
सूर्य धन और कुटुम्ब भाव से गोचर कर रहा है; यह अवधि आपकी आय, बचत और वाणी पर टिकी है।
सूर्य आपके तीसरे भाव को बल दे रहा है। यह पहल करने का समय है — जो अभी शुरू करेंगे, वही पूरा होगा।
सूर्य चौथे भाव में है और करियर से अधिक गृहस्थी माँग रहा है।
सूर्य पाँचवें भाव को प्रकाशित करता है, जो सृजन, अध्ययन और प्रेम के लिए अनुकूल है।
सूर्य छठे भाव में है — प्रतिस्पर्धा, सेवा और स्वास्थ्य-लाभ के लिए उत्तम स्थिति।
विधि
यह भविष्यवाणी जिन निरयण स्थितियों से निकाली गई है, वे नीचे दी गई हैं। इनमें से हर एक को आप किसी भी पंचांग से मिला सकते हैं।
गुरु दूसरे भाव में, अर्थात् धन, कुटुम्ब और वाणी के भाव में चल रहे हैं। आय बढ़ने की सम्भावना है, पर व्यय भी; यह वर्ष उन्हें फल देता है जो पहले ही तय कर लें कि अतिरिक्त धन किसलिए है।
संवेदनशीलता चरम पर है और बात दोनों ओर से चुभेगी। सामने वाले की नीयत अच्छी मानकर चलें।
काम गति पकड़ेगा। जो फाइलें दूसरों के पास अटकी थीं, स्वीकृत होकर लौटेंगी और आपकी राय पर भरोसा किया जाएगा।
एक नियोजित खर्च सही है, दूसरा नहीं। अंतर बस इतना है कि निर्णय आज से पहले लिया गया था या नहीं।
ऊर्जा स्थिर है और थकान जल्दी उतरती है। छूटी हुई दिनचर्या फिर शुरू करने का अच्छा समय।
आज मिथुन राशि का शुभ अंक 23 और शुभ रंग केसरिया है। सबसे शुभ समय 10:30 – 12:00 रहेगा।
हम लाहिरी अयनांश से स्थानीय मध्याह्न के लिए सूर्य और चन्द्रमा का निरयण देशान्तर निकालते हैं, फिर मिथुन से चन्द्रमा का भाव गिनते हैं। शास्त्रीय गोचर में चन्द्रमा के लिए प्रथम, तृतीय, षष्ठ, सप्तम, दशम और एकादश भाव शुभ माने जाते हैं तथा अष्टम — चन्द्राष्टम — सबसे कठिन। प्रयोग की गई हर स्थिति पृष्ठ पर छपी है।