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31 अग॰ – 6 सित॰ 2026

मिथुन साप्ताहिक राशिफल

संक्षेप में

4/ 5 · समग्र

सूर्य आपके तीसरे भाव को बल दे रहा है। यह पहल करने का समय है — जो अभी शुरू करेंगे, वही पूरा होगा।

विस्तार से

प्रेम और सम्बन्ध

3.5

छोटी-छोटी चिढ़ें किसी बड़ी अनकही बात की जगह ले रही हैं। असली बात कहें या छोटी बातें छोड़ दें।

करियर और कार्यक्षेत्र

4

काम गति पकड़ेगा। जो फाइलें दूसरों के पास अटकी थीं, स्वीकृत होकर लौटेंगी और आपकी राय पर भरोसा किया जाएगा।

धन और वित्त

3

एक नियोजित खर्च सही है, दूसरा नहीं। अंतर बस इतना है कि निर्णय आज से पहले लिया गया था या नहीं।

स्वास्थ्य और ऊर्जा

3.5

ऊर्जा लगातार नहीं, झोंकों में मिलेगी। उन्हीं शिखरों के अनुसार दिन बाँटें।

शुभ अंक
23
शुभ रंग
सुनहरा पीला
शुभ समय
10:30 – 12:00

सुझाया गया उपाय

चावल, नमक या सफ़ेद वस्त्र ऐसे व्यक्ति को दान करें जो धन्यवाद न कहे।

विधि

यह राशिफल किस गणना पर आधारित है

यह भविष्यवाणी जिन निरयण स्थितियों से निकाली गई है, वे नीचे दी गई हैं। इनमें से हर एक को आप किसी भी पंचांग से मिला सकते हैं।

चन्द्रमा
वृषभ
सूर्य
सिंह
चन्द्र नक्षत्र
कृत्तिका · पाद 2
तिथि
सप्तमी · कृष्ण पक्ष
सूर्य गोचर
तृतीय भाव (आपकी राशि से)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आज मिथुन राशि वालों के लिए दिन कैसा रहेगा?

सूर्य आपके तीसरे भाव को बल दे रहा है। यह पहल करने का समय है — जो अभी शुरू करेंगे, वही पूरा होगा।

आज मिथुन राशि के लिए प्रेम जीवन कैसा रहेगा?

छोटी-छोटी चिढ़ें किसी बड़ी अनकही बात की जगह ले रही हैं। असली बात कहें या छोटी बातें छोड़ दें।

आज मिथुन राशि के लिए करियर कैसा रहेगा?

काम गति पकड़ेगा। जो फाइलें दूसरों के पास अटकी थीं, स्वीकृत होकर लौटेंगी और आपकी राय पर भरोसा किया जाएगा।

आज मिथुन राशि के लिए धन की स्थिति कैसी रहेगी?

एक नियोजित खर्च सही है, दूसरा नहीं। अंतर बस इतना है कि निर्णय आज से पहले लिया गया था या नहीं।

आज मिथुन राशि के लिए स्वास्थ्य कैसा रहेगा?

ऊर्जा लगातार नहीं, झोंकों में मिलेगी। उन्हीं शिखरों के अनुसार दिन बाँटें।

आज मिथुन राशि का शुभ अंक और शुभ रंग क्या है?

आज मिथुन राशि का शुभ अंक 23 और शुभ रंग सुनहरा पीला है। सबसे शुभ समय 10:30 – 12:00 रहेगा।

31 अग॰ – 6 सित॰ 2026 का यह मिथुन राशिफल कैसे गणना किया गया है?

हम लाहिरी अयनांश से स्थानीय मध्याह्न के लिए सूर्य और चन्द्रमा का निरयण देशान्तर निकालते हैं, फिर मिथुन से चन्द्रमा का भाव गिनते हैं। शास्त्रीय गोचर में चन्द्रमा के लिए प्रथम, तृतीय, षष्ठ, सप्तम, दशम और एकादश भाव शुभ माने जाते हैं तथा अष्टम — चन्द्राष्टम — सबसे कठिन। प्रयोग की गई हर स्थिति पृष्ठ पर छपी है।

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