स्वामी ग्रह: राहु
आर्द्रा नक्षत्र
संक्षेप में
आर्द्रा नक्षत्र क्या है?
आर्द्रा 27 नक्षत्रों में से एक है, जो निरयण राशिचक्र के 66°40′–80°00′ में फैला है और मिथुन में पड़ता है। इसके स्वामी राहु हैं, गण मनुष्य, नाड़ी आदि और योनि श्वान है।
रुद्र के अधीन, जो तूफान हैं। उस उथल-पुथल से जुड़ा जो वातावरण स्वच्छ करती है — ऐसी कठिनाई जो केवल क्षति नहीं, वास्तविक परिवर्तन लाती है।
- स्वामी ग्रह
- राहु
- राशिचक्र में विस्तार
- 66°40′ – 80°00′
- राशि
- मिथुन
- पाद
- 4 × 3°20′
- गण
- मनुष्य
- नाड़ी
- आदि
- योनि
- श्वान
- प्रतीक
- अश्रु
- देवता
- रुद्र
- विंशोत्तरी दशा
- राहु · 18 वर्ष
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आर्द्रा नक्षत्र क्या है?
आर्द्रा 27 नक्षत्रों में से एक है, जो निरयण राशिचक्र के 66°40′–80°00′ में फैला है और मिथुन में पड़ता है। इसके स्वामी राहु हैं, गण मनुष्य, नाड़ी आदि और योनि श्वान है।
आर्द्रा नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?
राहु। इसी स्वामित्व के कारण आर्द्रा में जन्मे व्यक्ति का जीवन राहु की महादशा से आरम्भ होता है, जो विंशोत्तरी चक्र में 18 वर्ष चलती है।
आर्द्रा किस राशि में पड़ता है?
मिथुन। नक्षत्र 13°20′ का होता है और राशि 30° की, इसलिए अधिकांश नक्षत्र किसी एक राशि में पूरी तरह न बैठकर सीमा पार करते हैं।
आर्द्रा का गण और नाड़ी क्या है?
आर्द्रा का गण मनुष्य और नाड़ी आदि है। दोनों अष्टकूट मिलान में प्रयोग होते हैं — गण छह अंकों का और नाड़ी आठ अंकों की।
आर्द्रा की योनि क्या है?
श्वान। योनि कूट दो जन्म नक्षत्रों को दिए गए पशुओं की तुलना करता है और 36 में से चार अंकों का है।
आर्द्रा में कितने पाद होते हैं?
चार, हर नक्षत्र की तरह। हर पाद 3°20′ का होता है, जिससे पूरे राशिचक्र में 108 पाद बनते हैं।