स्वामी ग्रह: चन्द्रमा
हस्त नक्षत्र
संक्षेप में
हस्त नक्षत्र क्या है?
हस्त 27 नक्षत्रों में से एक है, जो निरयण राशिचक्र के 160°00′–173°20′ में फैला है और कन्या में पड़ता है। इसके स्वामी चन्द्रमा हैं, गण देव, नाड़ी आदि और योनि महिष है।
हाथ का नक्षत्र। कौशल, शिल्प, दक्षता और वस्तु को साकार करने की क्षमता से जुड़ा।
- स्वामी ग्रह
- चन्द्रमा
- राशिचक्र में विस्तार
- 160°00′ – 173°20′
- राशि
- कन्या
- पाद
- 4 × 3°20′
- गण
- देव
- नाड़ी
- आदि
- योनि
- महिष
- प्रतीक
- खुला हाथ
- देवता
- सवितृ
- विंशोत्तरी दशा
- चन्द्रमा · 10 वर्ष
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हस्त नक्षत्र क्या है?
हस्त 27 नक्षत्रों में से एक है, जो निरयण राशिचक्र के 160°00′–173°20′ में फैला है और कन्या में पड़ता है। इसके स्वामी चन्द्रमा हैं, गण देव, नाड़ी आदि और योनि महिष है।
हस्त नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?
चन्द्रमा। इसी स्वामित्व के कारण हस्त में जन्मे व्यक्ति का जीवन चन्द्रमा की महादशा से आरम्भ होता है, जो विंशोत्तरी चक्र में 10 वर्ष चलती है।
हस्त किस राशि में पड़ता है?
कन्या। नक्षत्र 13°20′ का होता है और राशि 30° की, इसलिए अधिकांश नक्षत्र किसी एक राशि में पूरी तरह न बैठकर सीमा पार करते हैं।
हस्त का गण और नाड़ी क्या है?
हस्त का गण देव और नाड़ी आदि है। दोनों अष्टकूट मिलान में प्रयोग होते हैं — गण छह अंकों का और नाड़ी आठ अंकों की।
हस्त की योनि क्या है?
महिष। योनि कूट दो जन्म नक्षत्रों को दिए गए पशुओं की तुलना करता है और 36 में से चार अंकों का है।
हस्त में कितने पाद होते हैं?
चार, हर नक्षत्र की तरह। हर पाद 3°20′ का होता है, जिससे पूरे राशिचक्र में 108 पाद बनते हैं।