स्वामी ग्रह: बुध
रेवती नक्षत्र
संक्षेप में
रेवती नक्षत्र क्या है?
रेवती 27 नक्षत्रों में से एक है, जो निरयण राशिचक्र के 346°40′–360°00′ में फैला है और मीन में पड़ता है। इसके स्वामी बुध हैं, गण देव, नाड़ी अन्त्य और योनि गज है।
अन्तिम नक्षत्र, यात्रियों के रक्षक के अधीन। पूर्णता, सुरक्षित मार्ग और यात्रा के अन्त में मिली करुणा से जुड़ा।
- स्वामी ग्रह
- बुध
- राशिचक्र में विस्तार
- 346°40′ – 360°00′
- राशि
- मीन
- पाद
- 4 × 3°20′
- गण
- देव
- नाड़ी
- अन्त्य
- योनि
- गज
- प्रतीक
- मत्स्य
- देवता
- पूषन
- विंशोत्तरी दशा
- बुध · 17 वर्ष
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
रेवती नक्षत्र क्या है?
रेवती 27 नक्षत्रों में से एक है, जो निरयण राशिचक्र के 346°40′–360°00′ में फैला है और मीन में पड़ता है। इसके स्वामी बुध हैं, गण देव, नाड़ी अन्त्य और योनि गज है।
रेवती नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?
बुध। इसी स्वामित्व के कारण रेवती में जन्मे व्यक्ति का जीवन बुध की महादशा से आरम्भ होता है, जो विंशोत्तरी चक्र में 17 वर्ष चलती है।
रेवती किस राशि में पड़ता है?
मीन। नक्षत्र 13°20′ का होता है और राशि 30° की, इसलिए अधिकांश नक्षत्र किसी एक राशि में पूरी तरह न बैठकर सीमा पार करते हैं।
रेवती का गण और नाड़ी क्या है?
रेवती का गण देव और नाड़ी अन्त्य है। दोनों अष्टकूट मिलान में प्रयोग होते हैं — गण छह अंकों का और नाड़ी आठ अंकों की।
रेवती की योनि क्या है?
गज। योनि कूट दो जन्म नक्षत्रों को दिए गए पशुओं की तुलना करता है और 36 में से चार अंकों का है।
रेवती में कितने पाद होते हैं?
चार, हर नक्षत्र की तरह। हर पाद 3°20′ का होता है, जिससे पूरे राशिचक्र में 108 पाद बनते हैं।