स्वामी ग्रह: सूर्य
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र
संक्षेप में
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र क्या है?
उत्तरा फाल्गुनी 27 नक्षत्रों में से एक है, जो निरयण राशिचक्र के 146°40′–160°00′ में फैला है और सिंह, कन्या में पड़ता है। इसके स्वामी सूर्य हैं, गण मनुष्य, नाड़ी आदि और योनि गौ है।
साझेदारी, अनुबन्ध और उदारता से जुड़ा — उन समझौतों का नक्षत्र जो टिकते हैं।
- स्वामी ग्रह
- सूर्य
- राशिचक्र में विस्तार
- 146°40′ – 160°00′
- पाद
- 4 × 3°20′
- गण
- मनुष्य
- नाड़ी
- आदि
- योनि
- गौ
- प्रतीक
- पलंग के पिछले पाये
- देवता
- अर्यमन
- विंशोत्तरी दशा
- सूर्य · 6 वर्ष
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र क्या है?
उत्तरा फाल्गुनी 27 नक्षत्रों में से एक है, जो निरयण राशिचक्र के 146°40′–160°00′ में फैला है और सिंह, कन्या में पड़ता है। इसके स्वामी सूर्य हैं, गण मनुष्य, नाड़ी आदि और योनि गौ है।
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?
सूर्य। इसी स्वामित्व के कारण उत्तरा फाल्गुनी में जन्मे व्यक्ति का जीवन सूर्य की महादशा से आरम्भ होता है, जो विंशोत्तरी चक्र में 6 वर्ष चलती है।
उत्तरा फाल्गुनी किस राशि में पड़ता है?
सिंह, कन्या। नक्षत्र 13°20′ का होता है और राशि 30° की, इसलिए अधिकांश नक्षत्र किसी एक राशि में पूरी तरह न बैठकर सीमा पार करते हैं।
उत्तरा फाल्गुनी का गण और नाड़ी क्या है?
उत्तरा फाल्गुनी का गण मनुष्य और नाड़ी आदि है। दोनों अष्टकूट मिलान में प्रयोग होते हैं — गण छह अंकों का और नाड़ी आठ अंकों की।
उत्तरा फाल्गुनी की योनि क्या है?
गौ। योनि कूट दो जन्म नक्षत्रों को दिए गए पशुओं की तुलना करता है और 36 में से चार अंकों का है।
उत्तरा फाल्गुनी में कितने पाद होते हैं?
चार, हर नक्षत्र की तरह। हर पाद 3°20′ का होता है, जिससे पूरे राशिचक्र में 108 पाद बनते हैं।