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स्वामी ग्रह: सूर्य

कृत्तिका नक्षत्र

संक्षेप में

कृत्तिका नक्षत्र क्या है?

कृत्तिका 27 नक्षत्रों में से एक है, जो निरयण राशिचक्र के 26°40′–40°00′ में फैला है और मेष, वृषभ में पड़ता है। इसके स्वामी सूर्य हैं, गण राक्षस, नाड़ी अन्त्य और योनि मेष है।

अग्नि के अधीन, जो शुद्ध भी करती है और भस्म भी। तीक्ष्णता, सटीक आलोचना और ताप से परिष्कार से जुड़ा।

स्वामी ग्रह
सूर्य
राशिचक्र में विस्तार
26°40′ – 40°00′
पाद
4 × 3°20′
गण
राक्षस
नाड़ी
अन्त्य
योनि
मेष
प्रतीक
छुरा
देवता
अग्नि
विंशोत्तरी दशा
सूर्य · 6 वर्ष

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कृत्तिका नक्षत्र क्या है?

कृत्तिका 27 नक्षत्रों में से एक है, जो निरयण राशिचक्र के 26°40′–40°00′ में फैला है और मेष, वृषभ में पड़ता है। इसके स्वामी सूर्य हैं, गण राक्षस, नाड़ी अन्त्य और योनि मेष है।

कृत्तिका नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?

सूर्य। इसी स्वामित्व के कारण कृत्तिका में जन्मे व्यक्ति का जीवन सूर्य की महादशा से आरम्भ होता है, जो विंशोत्तरी चक्र में 6 वर्ष चलती है।

कृत्तिका किस राशि में पड़ता है?

मेष, वृषभ। नक्षत्र 13°20′ का होता है और राशि 30° की, इसलिए अधिकांश नक्षत्र किसी एक राशि में पूरी तरह न बैठकर सीमा पार करते हैं।

कृत्तिका का गण और नाड़ी क्या है?

कृत्तिका का गण राक्षस और नाड़ी अन्त्य है। दोनों अष्टकूट मिलान में प्रयोग होते हैं — गण छह अंकों का और नाड़ी आठ अंकों की।

कृत्तिका की योनि क्या है?

मेष। योनि कूट दो जन्म नक्षत्रों को दिए गए पशुओं की तुलना करता है और 36 में से चार अंकों का है।

कृत्तिका में कितने पाद होते हैं?

चार, हर नक्षत्र की तरह। हर पाद 3°20′ का होता है, जिससे पूरे राशिचक्र में 108 पाद बनते हैं।

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