स्वामी ग्रह: सूर्य
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र
संक्षेप में
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र क्या है?
उत्तराषाढ़ा 27 नक्षत्रों में से एक है, जो निरयण राशिचक्र के 266°40′–280°00′ में फैला है और धनु, मकर में पड़ता है। इसके स्वामी सूर्य हैं, गण मनुष्य, नाड़ी अन्त्य और योनि नकुल है।
उत्तर विजय। टिकाऊ उपलब्धि से जुड़ा — वह सफलता जो धीरे आती है और पलटती नहीं।
- स्वामी ग्रह
- सूर्य
- राशिचक्र में विस्तार
- 266°40′ – 280°00′
- पाद
- 4 × 3°20′
- गण
- मनुष्य
- नाड़ी
- अन्त्य
- योनि
- नकुल
- प्रतीक
- गजदन्त
- देवता
- विश्वेदेवा
- विंशोत्तरी दशा
- सूर्य · 6 वर्ष
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र क्या है?
उत्तराषाढ़ा 27 नक्षत्रों में से एक है, जो निरयण राशिचक्र के 266°40′–280°00′ में फैला है और धनु, मकर में पड़ता है। इसके स्वामी सूर्य हैं, गण मनुष्य, नाड़ी अन्त्य और योनि नकुल है।
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?
सूर्य। इसी स्वामित्व के कारण उत्तराषाढ़ा में जन्मे व्यक्ति का जीवन सूर्य की महादशा से आरम्भ होता है, जो विंशोत्तरी चक्र में 6 वर्ष चलती है।
उत्तराषाढ़ा किस राशि में पड़ता है?
धनु, मकर। नक्षत्र 13°20′ का होता है और राशि 30° की, इसलिए अधिकांश नक्षत्र किसी एक राशि में पूरी तरह न बैठकर सीमा पार करते हैं।
उत्तराषाढ़ा का गण और नाड़ी क्या है?
उत्तराषाढ़ा का गण मनुष्य और नाड़ी अन्त्य है। दोनों अष्टकूट मिलान में प्रयोग होते हैं — गण छह अंकों का और नाड़ी आठ अंकों की।
उत्तराषाढ़ा की योनि क्या है?
नकुल। योनि कूट दो जन्म नक्षत्रों को दिए गए पशुओं की तुलना करता है और 36 में से चार अंकों का है।
उत्तराषाढ़ा में कितने पाद होते हैं?
चार, हर नक्षत्र की तरह। हर पाद 3°20′ का होता है, जिससे पूरे राशिचक्र में 108 पाद बनते हैं।