प्रेम और सम्बन्ध
2संवेदनशीलता चरम पर है और बात दोनों ओर से चुभेगी। सामने वाले की नीयत अच्छी मानकर चलें।
2026
मेष राशि, 2026: 5 में से 3.5 — गुरु कर्क राशि में, मेष से चतुर्थ भाव में।
गुरु चौथे भाव में गोचर कर रहे हैं, जो घर, सम्पत्ति और माता के लिए शुभ है। स्थान परिवर्तन, निर्माण या वास्तविक रूप से जम जाना सम्भव है, और यह वर्ष बाहर से अधिक भीतर उदार रहेगा।
संवेदनशीलता चरम पर है और बात दोनों ओर से चुभेगी। सामने वाले की नीयत अच्छी मानकर चलें।
पहल के लिए प्रबल समय। जिसकी स्वीकृति चाहिए, उससे स्वयं मिलें; प्रतीक्षा न करें।
भेजने से पहले सत्यापित करें। जोखिम दुर्भाग्य का नहीं, जल्दबाज़ी का है।
ऊर्जा स्थिर है और थकान जल्दी उतरती है। छूटी हुई दिनचर्या फिर शुरू करने का अच्छा समय।
सुझाया गया उपाय
चावल, नमक या सफ़ेद वस्त्र ऐसे व्यक्ति को दान करें जो धन्यवाद न कहे।
सूर्य आपके दसवें भाव में है — वर्ष की सबसे प्रबल करियर अवधि।
सूर्य लाभ भाव को उज्ज्वल कर रहा है, और अवसर आपके सम्पर्कों से आएँगे।
सूर्य बारहवें भाव में सिमट रहा है — अगला चक्र शुरू होने से पहले एक चक्र का समापन।
सूर्य आपकी ही राशि को प्रकाशित कर रहा है — आप केन्द्र में हैं, और उसके साथ आने वाली नज़रों में भी।
सूर्य धन और कुटुम्ब भाव से गोचर कर रहा है; यह अवधि आपकी आय, बचत और वाणी पर टिकी है।
सूर्य धन और कुटुम्ब भाव से गोचर कर रहा है; यह अवधि आपकी आय, बचत और वाणी पर टिकी है।
सूर्य आपके तीसरे भाव को बल दे रहा है। यह पहल करने का समय है — जो अभी शुरू करेंगे, वही पूरा होगा।
सूर्य चौथे भाव में है और करियर से अधिक गृहस्थी माँग रहा है।
सूर्य पाँचवें भाव को प्रकाशित करता है, जो सृजन, अध्ययन और प्रेम के लिए अनुकूल है।
सूर्य छठे भाव में है — प्रतिस्पर्धा, सेवा और स्वास्थ्य-लाभ के लिए उत्तम स्थिति।
सूर्य सातवें भाव से गुज़र रहा है, इसलिए साझेदारी और मोलभाव ही इस अवधि को तय करेंगे।
सूर्य आठवें भाव में प्रवेश करता है — सतर्कता और चुपचाप जमने का समय।
विधि
यह भविष्यवाणी जिन निरयण स्थितियों से निकाली गई है, वे नीचे दी गई हैं। इनमें से हर एक को आप किसी भी पंचांग से मिला सकते हैं।
गुरु चौथे भाव में गोचर कर रहे हैं, जो घर, सम्पत्ति और माता के लिए शुभ है। स्थान परिवर्तन, निर्माण या वास्तविक रूप से जम जाना सम्भव है, और यह वर्ष बाहर से अधिक भीतर उदार रहेगा।
संवेदनशीलता चरम पर है और बात दोनों ओर से चुभेगी। सामने वाले की नीयत अच्छी मानकर चलें।
पहल के लिए प्रबल समय। जिसकी स्वीकृति चाहिए, उससे स्वयं मिलें; प्रतीक्षा न करें।
भेजने से पहले सत्यापित करें। जोखिम दुर्भाग्य का नहीं, जल्दबाज़ी का है।
ऊर्जा स्थिर है और थकान जल्दी उतरती है। छूटी हुई दिनचर्या फिर शुरू करने का अच्छा समय।
यह मेष से गिने गए गुरु (बृहस्पति) के निरयण गोचर को वर्ष के मध्य में लाहिरी अयनांश से पढ़ता है, और महीने-दर-महीने के फल के लिए सूर्य का गोचर। गुरु हर राशि में लगभग एक वर्ष रहते हैं, इसीलिए वर्ष के लिए वही शास्त्रीय संकेतक हैं। प्रयोग की गई हर स्थिति पृष्ठ पर छपी है।