स्वामी ग्रह: गुरु (बृहस्पति)
पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र
संक्षेप में
पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र क्या है?
पूर्वा भाद्रपद 27 नक्षत्रों में से एक है, जो निरयण राशिचक्र के 320°00′–333°20′ में फैला है और कुम्भ, मीन में पड़ता है। इसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गण मनुष्य, नाड़ी आदि और योनि सिंह है।
तीव्रता, तप और उस दृष्टि से जुड़ा जो सामान्य सुख से आगे किसी बड़ी वस्तु तक जाती है।
- स्वामी ग्रह
- गुरु (बृहस्पति)
- राशिचक्र में विस्तार
- 320°00′ – 333°20′
- पाद
- 4 × 3°20′
- गण
- मनुष्य
- नाड़ी
- आदि
- योनि
- सिंह
- प्रतीक
- अर्थी का अग्र भाग
- देवता
- अज एकपाद
- विंशोत्तरी दशा
- गुरु (बृहस्पति) · 16 वर्ष
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र क्या है?
पूर्वा भाद्रपद 27 नक्षत्रों में से एक है, जो निरयण राशिचक्र के 320°00′–333°20′ में फैला है और कुम्भ, मीन में पड़ता है। इसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गण मनुष्य, नाड़ी आदि और योनि सिंह है।
पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?
गुरु (बृहस्पति)। इसी स्वामित्व के कारण पूर्वा भाद्रपद में जन्मे व्यक्ति का जीवन गुरु (बृहस्पति) की महादशा से आरम्भ होता है, जो विंशोत्तरी चक्र में 16 वर्ष चलती है।
पूर्वा भाद्रपद किस राशि में पड़ता है?
कुम्भ, मीन। नक्षत्र 13°20′ का होता है और राशि 30° की, इसलिए अधिकांश नक्षत्र किसी एक राशि में पूरी तरह न बैठकर सीमा पार करते हैं।
पूर्वा भाद्रपद का गण और नाड़ी क्या है?
पूर्वा भाद्रपद का गण मनुष्य और नाड़ी आदि है। दोनों अष्टकूट मिलान में प्रयोग होते हैं — गण छह अंकों का और नाड़ी आठ अंकों की।
पूर्वा भाद्रपद की योनि क्या है?
सिंह। योनि कूट दो जन्म नक्षत्रों को दिए गए पशुओं की तुलना करता है और 36 में से चार अंकों का है।
पूर्वा भाद्रपद में कितने पाद होते हैं?
चार, हर नक्षत्र की तरह। हर पाद 3°20′ का होता है, जिससे पूरे राशिचक्र में 108 पाद बनते हैं।